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सीएम योगी और शिक्षा मंत्री के बैठक के बाद , परीक्षा बोर्ड को लेकर आज होगा बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश  बोर्ड परीक्षा करने को लेकर कई खबर आ रही है। हम आपको बता देगी बीते कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा को रद्द करने के लिए घोषणा कर दिया था। अब अनुमान यह लगाया जा रहा है कि 12वीं की परीक्षा यूपी बोर्ड को भी रद्द कर दिया जाएगा। आज गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा द्वारा बैठक होगा जिसके बाद कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

खबर के अनुसार सबसे पहले सीबीएसई बोर्ड ने ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा किया था जिसके बाद देश के अन्य राज्यों ने भी 10वीं और 12वीं के एग्जाम्स को रद्द करने का फैसला लिया था। कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के चलते शासन और प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। आज हुए बैठक में बड़ा फैसला लिया जा सकता है और अनुमान यह लगाया जा रहा है कि हो सकता है कि किसी तरह का परीक्षा अभी हाल फिलहाल नहीं लिया जाएगा। लेकिन सरकार द्वारा फैसला सुनाए जाने का इंतजार करना ही पड़ेगा।

कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते पिछले साल से ही स्कूल बंद चलते आ रहे हैं और ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चे ठीक से तैयारी नहीं कर पाए हैं। अगर परीक्षा करवाया जाता है तो ऐसा हो सकता है कि जिन बच्चों ने क्लासेस नहीं लगाए हो या तैयारी नहीं किया हो उनके लिए या फैसला बुरा साबित हो सकता है। लेकिन वहीं जिन लड़कों ने अच्छे से तैयारी किया होगा या क्लास में परफॉर्मेंस अच्छा होगा तो टीचर उनके परफॉर्मेंस को देख करके ही मार्क्स दे देंगे।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा इसके पहले यूपी बोर्ड के 12वीं की परीक्षा जुलाई महीने के मध्य में परीक्षा कराए जाने को लेकर इशारा कर चुके है हो सकता है अभी इस पर बैठक के बाद ही क्लियर पता चलेगा कि परीक्षा लिया जाएगा या नहीं तब तक हमें सब्र के साथ फैसले का इंतजार करना पड़ेगा।

अभिभावक भी चिंतित है कि अगर परीक्षा हुआ तो वह अपने बच्चों को इस वायरस के दौर में कैसे सुरक्षित घर से बाहर भेजंगे। इसके पहले कई बार परीक्षाओं को रद्द करने के लिए आवाज भी उठाई जा चुकी है। कई लोगों का कहना है कि इस संक्रमण के दौर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सौदा नहीं करना चाहिए। कुछ अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन चले क्लासेस में बहुत कम तैयारी के चलते परीक्षा अच्छे से नहीं दे पाएंगे और उनके लिए यह फैसला सही नहीं होगा।

 

आगे जानिए क्या है बाल सेवा योजना-

कोरोनावायरस संक्रमण के चलते  जिन बच्चों ने अपना माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है उनके लिए मुख्यमंत्री योगी सरकार बाल सेवा योजना लेकर आई है।  उन बच्चों को चिन्हित करके इस सेवा का लाभ दिया जाएगा। बाल सेवा योजना को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरी तैयारी के साथ जुट गई है।

जिन बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक को भी खो दिया है और वह अनाथ हो गए हैं ऐसे में कई लोग इसका गलत फायदा उठा सकते हैं। कोई भी बच्चा किसी गलत हाथ में ना जाए इसको देखते हुए योगी सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है अनाथ पड़े  इन बच्चों को चिन्हित करके तत्काल मदद पहुंचाया जाएगा इसके लिए अधिकारियों का भी चयन कर दिया गया है।

इस सेवा का लाभ लेने के लिए बच्चों को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है।बाल सेवा योजना के तहत सुन्य से 18 साल तक के बच्चों को इस योजना के तहत उनको लाभ मिलेगा। अगर आप भी ऐसे किसी बच्चे को जानते हैं जिनका माता पिता कोरोनावायरस संक्रमण के चलते अपनी जान गवा दिया हो तो आप शासन को सूचना दे सकते हैं। आपका यह एक छोटा काम किसी अनाथ बच्चे को उज्जवल भविष्य की ओर ले जा सकता है।

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