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खुशखबरी-युपी को मिली BS6 इंजन की 150 नई बसें, हर जिलों को दी गई दो बसें, जाने क्या होता BS6 इंजन

उत्तर प्रदेश वासियों को सीएम योगी ने 150 नई बसों का तोहफा दिया है, बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवाज से 10 अगस्त को परिवहन विभाग की 150 नई BS-6 बसों को हरी झंडी दिखाया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सामान्य नागरिक घर से कहीं के लिए निकलता है तो वह व्यक्ति परिवहन निगम की बसों से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचता है। प्रदेश के हर जिले को दो नई बसें दी गयी है।

 

जाने क्या होता है बीएस 6 इंजन की बसें 

आपको बता दे बीएस-6 यानि भारत स्टेज-VI  इंजन ऐसा इंजन होता है जो बहुत ही कम प्रदुषण फैलता है वही बीएस-4 से निकलने वाली धुएं से आंख,नाक में जलन,सिरदर्द और फेफड़ो में इन्फेक्शन जैसी समस्याए पैदा होती है। बीएस-6 से सल्फर की मात्रा बीएस-४ से पांच गुन्ना कम होती है, बीएस ६ इंजनो में एडवांस एमिशन कंट्रोल सिस्टम लगा रहता है। जानकारी के अनुसार आपको बता दे कि डीजल वाहनों से लगभग 68 प्रतिशत और पेट्रोल वाहनों से लगभग 25 प्रतिशत तक नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो जायेगा। इसलिए अब भारत के कई बड़े शहरो में अब बीएस-6 इंजन वाली गाड़ियां चलनी शुरू गई है।

 

इस सभी बस स्टेशनो का किया लोकरपर्ण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर बरेली, झांसी, अलीगढ़ के ड्राइविंग ट्रेंनिंग एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट, बरेली के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक, फिरोजाबाद के सारथी हॉल अलीगंज बस अड्डा, गाजीपुर बस अड्डा, नौझील बस अड्डा एवं जयसिंह पुरा- मथुरा बस अड्डा मथुरा, काठ बस अड्डा मुरादाबाद , हैदर गढ़ बस अड्डा बाराबंकी और सिगनेचर ग्रीन सिटी बस अड्डा कानपुर का लोकार्पण किया है इसके साथ ही बता दें कि बरेली बस अड्डा, एवं गिलौला बस अड्डा श्रावस्ती का शिलान्यास भी किया।

आपको बता दें कि उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2019 में प्रयागराज कुंभ मेले के समय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने जिन बसों को खरीदा था उन बसों को सरकार ने परिवहन निगम को दे दिया था। इन बसों के द्वारा कोरोनावायरस महामारी के दौरान यह बसे अपनी सेवाएं दी थी कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान लगभग एक करोड़ प्रवासी कामगार और श्रमिकों को परिवहन निगम की बसों के द्वारा प्रदेश में लाने तथा प्रदेश से के सीमावर्ती क्षेत्रों एवं अन्य राज्यों की ओर भेजने के लिए राज्य सरकार सफल रही।

 

बस अड्डों को हवाई अड्डों की तरह बिकसित करने की है जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी के साथ प्रदेश के बस स्टेशनों को उच्चस्तरीय बस स्टेशनों के रूप में बदलना पड़ेगा, उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि रेल कनेक्टिविटी हर जगह हो, इन स्थितियों में उत्तर प्रदेश के लगभग एक लाख दस हजार से अधिक राजस्व गांवों को जोड़ने के लिए परिवहन विभाग के उससे अनुबंधित बसें सबसे उपयुक्त माध्यम है। हमें अपने बस अड्डों को हवाई अड्डों की तरह विकसित करना पड़ेगा।

परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर के अनुसार परिवहन विभाग संकट का साथी है विभाग में भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया। बता दें कि इस मौके पर प्रमुख सचिव परिवहन एम वेंकटेश्वरलू, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अध्यक्ष आर के तिवारी और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद में मौजूद थे।

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