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गोरखपुर से गुजरेगा नया शानदार फ़ोरलेन, मुख्य मार्ग से सीधे जुड़ेंगे 500 गाँव, जानिए पूरा प्लान

महाराजगंज से लखनऊ के बीच एक और बायपास फोरलेन बनने जा रहा है। जिसके लिए रविवार को सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिपरी में बनने वाले गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय को भटहट कस्बे से जोड़ने वाली फोरलेन सड़क की चौड़ाई 28 मीटर तक होगी। आपको बता दें कि फोरलेन के दोनों लेन की चौड़ाई 8.75 – 8.75 मीटर, ढाई मीटर का डिवाइडर, दोनों तरफ डेढ़ – डेढ़ मीटर की नाली और एक – एक मीटर बिजली के खंभों के लिए होंगे।

 

मई में आयुष विश्वविद्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंचे तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के सामने कुलपति प्रो. एके सिंह ने विश्वविद्यालय को फोरलेन सड़क से जोड़ने की मांग की थी। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार से फोरलेन सड़क बनाने के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का निर्देश दिया था। सर्वे शुरू कर दिया गया है। चौड़ीकरण में बाधक बन रहे मकान तोड़े जाएंगे, सरकारी जमीन में मकान बनवाने वालों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा ।

 

# पहले चरण में भटहट से मलंग स्थान तक 11.4 किमी बनेगी फोरलेन सड़क__

लोक निर्माण विभाग खंड टीम के अवर अभियंता से मिली जानकारी के अनुसार गोरखपुर – महाराजगंज फोरलेन सड़क भटहट कस्बे से होकर गुजरेगी। जिसके पहले चरण में भटहट कस्बे से आयुष विश्वविद्यालय होते हुए यह फोरलेन सड़क का निर्माण मलंग स्थान तक किया जाएगा। जिसकी कुल दूरी 11.4 किलोमीटर है । वन  विभाग को इस सर्वे के पूरे होने के बाद पेड़ों की गिनती व लागत, बिजली निगम से विद्युत पोलो और तारों को स्थानांतरित करने में होने वाले खर्च का आकलन करने को कहा गया है।

कहां की जमीन को अधिग्रहित किया जाएगा, इसके बारे में भी सर्वे हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस फोरलेन के बन जाने से क्षेत्र के लगभग 500 गांवों का संपर्क सीधे मुख्य मार्ग से जुड़ जाएगा।

 

# आयुष विश्वविद्यालय जाने वालों की राहे होंगी आसान ।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि भटहट से आयुष विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क बन जाने से उपचार के लिए जाने वाले रोगियों के लिए आसानी होगी। लोग बड़ी गाड़ियाें से विश्वविद्यालय तक जा सकेंगे। जाम की समस्या भी नहीं आएगी। अभी सड़क सिंगल लेन है। इससे इसे चौड़ा कर फोरलेन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा। स्वीकृत होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।

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