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युपी के तीन जिलों से गुजरेगा 520KM लम्बा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, प्रथम चरण का सर्वे हुवा पूरा, जल्द होगी

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे को लेकर कुछ जरूरी अपडेट सामने आ रही हैं बता दें कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे का सर्वे का काम पूरा हो गया है और अब जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। इस 520 किमी लम्बे एक्सप्रेस वे का पहले चरण का सर्वे पूरा कर लिया गया है एनएचएआई के अफसरों के अनुसार अभी अंतिम एलाइनमेंट में कुछ परिवर्तन भी संभव है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी को नियुक्त कर दिया गया है।

 

तीन जिलों के 111 गावों से होगा जमीन अधिग्रहण

मीडिया खबर के अनुसार आपको बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर से नॉर्थ ईस्ट को जोड़ने के लिए गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे का निर्माण की कार्य प्रक्रिया चल रही है वही एनएचएआई की ओर से नामित फर्म द्वारा डीपीआर भी लगभग तैयार कर लिया गया है और पहले चरण का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। जिसमें गोरखपुर, देवरिया, और कुशीनगर जिले के लगभग 111 गांव में जमीन अधिग्रहण किया जा सकता है।

 

आपको बता दें कि गोरखपुर जनपद के चोरा चोरी तहसील के 14, कुशीनगर हटा तहसील के 19, कसया तहसील के 13, एवं तमकुहीराज तहसील के 42 गांव शामिल है यही नहीं देवरिया जिला के सदर तहसील के 23 गांव की भूमि अधिग्रहित हो सकती है। यह 520 किमी लम्बी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन का होगा इसे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के रूप में विकसित किया जाएगा और ट्राफिक सहूलियत को लेकर बाईपास और ओवरब्रिज के भी निर्माण होंगे।

शामली से सीधे जुड़ेगा सिलीगुड़ी

मिली जानकारी के अनुसार गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के साथ ही गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे को लेकर भी सर्वे हो रहा है बता दे कि  शामली से पंजाब को जोड़ने के लिए एक्सप्रेस वे का कार्य भी तेजी से चल रहा है इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण होने से गोरखपुर से शामली की दूरी लगभग 200 किलोमीटर कम होगी, पंजाब और नॉर्थईस्ट एक दूसरे से जुड़ेंगे।

60 से 100 मीटर चौड़ाई में होगा जमीन की अधिग्रहण
एनएचएआई परियोजना निदेशक के अनुसार प्राथमिक सर्वे के बाद जिस गांव से अधिग्रहण प्रस्तावित किया गया है उसे चिन्हित कर लिया गया है लेकिन इसमें परिवर्तन भी हो सकता है, वही इस एक्सप्रेस वे के लिए  जरूरत को देखते हुए 60 से 100 मीटर चौड़ाई में जमीन का अधिग्रहण होगा और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने में 3 महीने का समय लग सकता है।

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