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गोरखपुर में बनेगा देश का सातवाँ फ़ैक्टरी, सभी विभागों ने दी स्वीकृति, जानिए कहा होगा निर्माण

70 करोड़ की लागत से 88 एकड़ में बनने वाले सातवें प्लास्टिक पार्क जो कि गीडा में गोरखपुर – पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे के पास भगवानपुर गांव में बनने वाला है, उसे रसायन एवं खाद मंत्रालय की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। रसायन एवं खाद मंत्रालय के निदेशक आरके सोनी ने गीडा सीईओ को अंतिम स्वीकृति संबंधी पत्र भेज दिया है। पत्र में कहा गया है कि अगर स्वीकृति की तारीख से तीन महीने के अंदर निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा तो प्रोजेक्ट को निरस्त करते हुए किसी अन्य स्थान के लिए स्वीकृति दे दी जाएगी।

 

प्लास्टिक पार्क के भूमि विकास व आधारभूत संरचना (भूमि मूल्य के अतिरिक्त) पर 69.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका 34.79 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 34.79 करोड़ रुपये प्लास्टिक पार्क के स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) को वहन करना है। प्लास्टिक पार्क के संचालन के लिए एसपीवी का गठन किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए गीडा को की-प्रोमोटर निर्धारित किया गया है।

 

# इस मद में होगा खर्च_

सड़क : 869 लाख, नाले एवं पुलिया: 258 लाख, जलापूर्ति, ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल एवं पंप: 571 लाख, वेस्ट मैनेजमेंट ट्रीटमेंट: 600 लाख, पावर सप्लाई एवं सब स्टेशन : 1652 लाख, बाउंड्री वाल-230 लाख, एडमिन बिल्डिंग: 597 लाख, प्लांट एवं उपकरण: 1000 लाख

 

# पार्क में लगेंगी 92 फैक्ट्रियां__

प्लास्टिक पार्क में 92 औद्योगिक भूखंड होंगे यानी 92 फैक्ट्रियां लगेंगी। साथ ही प्रशासनिक भवन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, यूटिलिटी शॉप्स और भंडारण इकाइयां भी संचालित होंगी। इन 90 भूखंडों का साइज 600 वर्गमीटर से 17,000 वर्गमीटर तक होगा। प्रशासनिक भवन 900 वर्गमीटर का होगा। भूतल में बैंक, कैंटीन एवं प्राथमिक चिकित्सा केंद्र होगा। प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर श्रमिकों के लिए डारमेट्री एवं प्रबंधकीय आवास बनेगा।

 

# तकनीकी स्थानों का भी होगा निर्माण।

खबर मिली है कि प्लास्टिक पार्क में तकनीकी स्थानों का भी निर्माण होगा एवं 5 एकड़ में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान (सीआईपीईटी) की स्थापना भी की जाएगी। सेंटर में प्लास्टिक से बनी चीजों के निर्माण के लिए आधुनिक प्लांट एवं मशीनरी भी लगाई जाएगी एवं टेस्टिंग सर्टिफिकेशन व रिसर्च की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क में कच्चे माल की आपूर्ति व भंडारण भी किया जाएगा, जिसके लिए 4 एकड़ की भूमि भी आरक्षित की गई है।
देश का सातवां प्लास्टिक पार्क

गीडा में देश का सातवां प्लास्टिक पार्क स्थापित होगा। अब तक मध्य प्रदेश के तामोंट गांव, मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बिलौआ गांव, ओडिशा में जगतसिंहपुर के पास प्रदीप गांव, असम के गेल्लापुखुरी, झारखंड के देवीपुर, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के वायल्लूर में प्लास्टिक पार्क स्थापित किए जा चुके हैं।

 

गीडा के सी ई ओ पवन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के रसायन एवं खाद मंत्रालय ने प्लास्टिक पार्क को अंतिम स्वीकृति प्रदान की है। जिसका निर्माण कार्य 3 महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए टेंडर भरने का कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। तब तक यहां विकास से संबंधित सभी कार्य भी पूर्ण कर दिए जाएंगे । प्लास्टिक पार्क को बनाने के लिए 2 साल का समय निर्धारित किया गया है।

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