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गोरखपुर-खराब वायु गुणवत्ता वाला शहर हुवा घोषित, सुधार के लिए खर्च होंगे 9.63 करोड़

गोरखपुर वासियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर आ रही है दरअसल गोरखपुर के कुछ ही लोगों को यह बात पता होगा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गोरखपुर को नॉन अटेनमेंट यानि सामान्य से खराब वायु गुणवत्ता वाला शहर घोषित किया है बता दे कि  इसके अलावा तमिलनाडु के मदुरई को भी सामान्य से खराब वायु गुणवत्ता वाला शहर घोषित किया गया है।

आपको बता दे कि गोरखपुर में विभागों को शहर को प्रदूषित करने वाले कारकों का विवरण  तैयार करने के लिए कहा गया है इसको देखते हुए नगर निगम और जीडीए शहर के सभी होटल, बैंक्विट हॉल, मॉल, शॉपिंग कंपलेक्स समेत अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले जनरेटर सेट की क्षमता और खपत होने वाले डीजल का विवरण तैयार किया जाएगा। बता दें कि इसके साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का नाम पता, अक्षांश और देशांतर के साथ विवरण तैयार होगा, नगर निगम को शहर में स्थित सॉलि़ड वेस्ट प्वाइंट और गोरखपुर विकास प्राधिकरण को शहर में होने वाले सभी बड़े निर्माण कार्यों का जानकारी तैयार करना है।

10 करोड़ से सुधरेगी गोरखपुर की हवा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि राष्ट्रीय स्वच्छ  कार्यक्रम से शहर की हवा की सेहत को सुधारने की योजना है  इसके लिए पर्यावरण, वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से प्रथम किस्त के रूप में 9 करोड़ 63 लाख 66 हजार 51 रुपए अवमुक्त कर दिया गया है बता दें कि यह धनराशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत ग्रांट इन एड के तौर पर उपलब्ध किया गया  है।

प्रदुषण बढ़ने के ये है वजह 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोरखपुर महानगर में हमेशा विकास कार्य होते रहते हैं जिसके वजह से धुल, धुआं के कारण वायु प्रदूषण बढ़ गया है और यही कारण है कि महानगर की हवा नेशनल एंबीएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड लेने में नाकाम रही।  बता दे कि इसको  देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश के 102 शहरों में  गोरखपुर महानगर को शामिल कर दिया है ये वो शहर है जिन में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है इन सभी शहरों को नॉन एटेनमेंट सिटीज की श्रेणी में शामिल किया है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स 398 तक पहुंच चुका है 

मीडिया खबर के अनुसार बीते पिछले साल दीपावली के बाद शहर की आबोहवा काफी बिगड़ गई थी, बीते 9 नवंबर को गोरखपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स रिकॉर्ड 398 दर्ज किया गया था जिसके बाद नगर निगम के द्वारा पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव किया गया था यही नहीं इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में सुरक्षा के मानव का ख्याल रखने को कहा गया था।

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