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गोरखपुर को हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू, शहर को एडवांस लुक देने के लिए यहाँ बनेगा चार स्टैंड

गोरखपुर को एडवांस लुक देने की राह में एक और योजना की शुरुआत की गई है । जिसके तहत महानगर में 4 जगहों पर ऑटो स्टैंड बनाया जाएगा । जिसके लिए जगह भी निर्धारित कर ली गई है। इन चारों ऑटो स्टैंड का संचालन नगर निगम पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के आधार पर करेगा। इन सभी स्टैंड से होने वाली आमदनी से व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। इतना ही नहीं, स्टैंड पर यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पीने का पानी, बैठने के स्थान एवं शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।

 

# जाम की स्थिति से मिलेगा छुटकारा।

काफी समय से ऑटो चालक ऑटो स्टैंड के लिए जगह निर्धारित करने की मांग कर रहे थे । ऑटो स्टैंड ना होने के कारण ऑटो चालकों को सड़क पर ऑटो खड़ा कर सवारियां बिठाने पढ़ती थी। जिससे आवागमन बाधित होता था और जाम की स्थिति भी उत्पन्न होती थी। जिसके बाद पुलिसकर्मी ऑटो चालकों पर कार्यवाही करते थे। स्टैंड बनने के बाद इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

 

# मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ काम।

आटो रिक्शा स्टैंड बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने उप नगर आयुक्त संजय शुक्ल को स्थान की तलाश के लिए लगाया था। कार्यवाहक नायब तहसीलदार सतीश चंद्र श्रीवास्तव और अवर अभियंता अवनीश भारती ने जगह की तलाश कर अपनी रिपोर्ट उप नगर आयुक्त को सौंपी।

 

# इन स्थानों पर बनेगा स्टैंड__

• धर्मशाला पुल के पास : धर्मशाला पुल के पास रेल लाइन के     उत्तर तरफ असुरन जाने वाली सड़क पर मछली मंडी के पास स्टैंड बनेगा। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।

• शास्त्री चौक के पास : शास्त्री चौक के पास घोष कंपनी की ओर जाने सड़क के दक्षिण व बेतियाहाता रोड के सड़क पटरी पर स्टैंड बनेगा।

• विश्वविद्यालय चौराहा के पास : विश्वविद्यालय चौराहा से सिटी मॉल की ओर जाने वाली सड़क के उत्तर पटरी पर स्टैंड बनेगा।

• आंबेडकर चौक : आंबेडकर चौराहा के पास छात्रसंघ चौराहे की ओर जाने वाली सड़क के उत्तर पटरी पर स्टैंड बनेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आटो रिक्शा स्टैंड के लिए जगह चयनित कर ली गई है। चार स्थानों पर पीपीपी माडल से इसका संचालन किया जाएगा। स्टैंड से होने वाली कमाई को सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। इससे चालकों व यात्रियों को राहत तो मिलेगी ही यातायात व्यवस्था में भी कोई अवरोध नहीं आएगा। – अविनाश सिंह, नगर आयुक्त।

 

इसके अलावा आइए जानते है गोरखपुर कि कुछ दिलचस्प बातें हम सभी जानते है कि इंदौर अपने खाने-पीने के लिए मशहूर है तो गोरखपुर की जुहू चौपाटी के नाम से मशहूर रामगढ़ताल मुकाबला करने को तैयार है। जब आप यहां आएं तो हैरान न हों कि भारत की लगभग हर डिश आपको चाय की 17 किस्मों से मोहित कर देगी। लोभ मत करो, मोह मत करो, एक बार जब आप यहां के भोजन के प्रशंसक बन जाते हैं, तो आप तुरंत रामगढ़ ताल में अधिक समय बिताने का फैसला करेंगे ताकि यह स्वास्थ्य और स्वाद का पर्याय बन सके।

 

# शाम को आएं रामगढ़ताल: अगर आप भी रामगढ़ताल घूमने का प्लान कर रहे हैं तो शाम का इंतजार करें। आप न सिर्फ शाम की खूबसूरती का लुत्फ उठाएंगे बल्कि खाने-पीने के लिए भी काफी कुछ मिल जाएगा। बोटिंग से लेकर रामगढ़ताल के प्रवेश द्वार तक करीब साढ़े चार किलोमीटर की दूरी पर मिर्जापुर से लेकर मटका रसगुल्ला, राजस्थान की मटका मैगी, चाट, दिल्ली की सोया चाय आपको खाने को बहुत कुछ मिल जाएगा।

 

# शाम होते ही चाय पसंद करने वालों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है:

जब आप रामगढ़ताल का दौरा करके नाव से लौटने की तैयारी करते हैं तो पूल के एक तरफ सैकड़ों दुकानें आपका ध्यान आकर्षित करती हैं। यहां के कुल्हण और मटका में मिलने वाले तरह-तरह के व्यंजन आपकी भूख को बढ़ा देंगे। कहीं सोया चिप्स की महक आपको मिल जाएगी तो कहीं शाकाहारी रोल, मंचूरियन, स्प्रिंग रोल आपको दुकानों तक पहुंचा देंगे।

 

कोई दुकान पर मिर्जापुर का रसगुल्ला मटका खाता नजर आएगा तो कोई दुकान पर गमले में मैगी का लुत्फ उठाता नजर आएगा। थोड़ी दूर पर आपको 100 से अधिक व्यंजन मिल जाएंगे। शहर के तमाम युवाओं ने इस तरह के व्यंजनों का स्वाद चखा है कि शाम होते ही यहां स्वाद के दीवानों की भीड़ लग जाती है।

 

# चाय प्रेमियों की होती है भीड़: सुपारी, इलायची, केसर, तुलसी, मसाला, नींबू के स्वाद वाली चाय, कहीं भटकने की जरूरत नहीं। स्लीपिंग बार में आपको तरह-तरह की चाय मिल जाएगी। इस बीच टी बार का एक अलग ही क्रेज है। यहां सभी चाय प्रेमियों की भीड़ भी रहती है।

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