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गोरखपुर-इस नाले के दोनों तरफ बिछेगी 475KM लम्बी सिवर लाइन, जुड़ेंगे 44 हजार से अधिक मकान, खर्च होंगे 713 करोड

गोरखपुर शहर के 50% से ज्यादा क्षेत्रफल से जल निकासी के लिए प्रस्तावित गोड़धोइया नाला के परियोजना में बदलाव किया गया है बता दें कि नाला के आसपास के मोहल्लों में ड्रेनेज सिस्टम सुधार के लिए नाला के दोनों तरफ सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना में सीवर लाइन जोड़ने से पूरी योजना में करीब 713 करोड रुपए बढ़ गई है। बता देगी लखनऊ में अधिकारियों के द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष गोड़धोइया नाला परियोजना को लेकर मीटिंग हुवा , इसमें गोरखपुर से मंडल आयुक्त, जिला अधिकारी, जीडीए उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त ऑनलाइन जुड़े थे खुशी की बात है आएगी मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन देखने के बाद परियोजना पर हमेी भर दिया है।

आपको बता दें कि गोड़धोइया नाला की लंबाई लगभग 13 किलोमीटर है वही 10 किलोमीटर लंबाई में नाला की रीमाडलिंग होगी और इसे गोमती रिवर फ्रंट की तरह विकसित करने की योजना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले इस परियोजना के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपए का बजट बनाया गया था इसमें 20 मीटर चौड़ा नाला और नाले के दोनों और दीवार, दोनों तरफ 10-10 मीटर सड़क का भी प्रस्ताव बनाया गया था।

इस नाले के प्रस्ताव में बदलाव कई बार समीक्षा करने के बाद किया गया है और नाले के दोनों तरफ के मोहल्लों को सीवर लाइन से जोड़ने का फैसला लिया गया है। बता दें कि सीवर लाइन को बिछाने ,नाले से जोड़ने ,मोहल्ले के घरों से जोड़ने और सीवरेज के ट्रीटमेंट के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए 713 रोड पर खर्च किया जाएगा।

बनेंगे 21 पुल, एक करोड़ से लगेंगे पेड़ पौधे 

सीवर लाइन के बिछाए जाने से राप्ती नगर, बिछिया, शक्तिनगर, पादरी बाजार, बिछिया रेलवे कॉलोनी, मोहनापुर सभी मोहल्ले को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नाले पर 21  भी बनाए जाएंगे और करीब एक करोड़ कि खर्च पर पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे।

475 किमी बिछेगी सिवर लाइन,  जुड़ेंगे 44 हजार से अधिक मकान

फिलहाल के तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार 475 किलोमीटर लंबाई में सिवर लाइन बिछाया जाएगा। इस सीवर लाइन से 44 हजार से अधिक मकानों को जोड़ा जाएगा। वही सीवरेज के ट्रीटमेंट के लिए 32 एमएलडी का एसटीपी स्थापित किया जाएगा। सीवरेज के पानी को साफ करके ही नालों में गिराए जाने की योजना है यही नहीं नालो  में नाव चलाई जाने की भी तैयारी है।

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