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गोरखपुर के इन सड़कों से ग़ायब होंगे ठेले दुकाने, और इन सड़कों को वन-वे की योजना पर काम शुरू

देवरिया शहर के लोगों को आए दिन जाम का सामना करना पड़ता है। जिससे कि लोगों का काफी समय बर्बाद जाता है। लेकिन अब खबर आ रही है कि देवरिया शहर को जाम से निजात दिलाने की राह में प्रशासन और पुलिस ने एक योजना तैयार की है जिसके तहत शहर के दो प्रमुख मार्गों को नॉन वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जहां एक तरफ राघव नगर एवं रामलीला मैदान जाने वाली सड़क को वन वे मार्ग घोषित किया गया है वहीं दूसरी तरफ ठेला लगाने के लिए दो जगहों को चिन्हित भी किया गया है।

 

अपर जिला अधिकारी प्रशासन गौरव श्रीवास्तव से मिली जानकारी के अनुसार शहर के प्रमुख मार्ग जैसे सिविल लाइंस रोड, मालवीय रोड, को-ऑपरेटिव चौराहा से हनुमान मंदिर (रामलीला मैदान रोड) हनुमान मंदिर से राघव नगर-कचहरी चौराहा (शिव मंदिर) तक तथा जलकल रोड आदि प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या को देखते हुए प्रमुख व्यापार प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर इस समस्या से छुटकारा दिलाने का एक प्लान बनाया गया है । यहां आपको बता दें कि इस योजना के तहत दो प्रमुख मार्गों को नॉन वेंडिंग जोन घोषित किया गया है जिसमें सिविल लाइंस रोड पर भटवालिया चौराहा से गोरखपुर ओवरब्रिज तक एवं मालवीय रोड का नाम शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि नॉन वेंडिंग जोन की व्यवस्था गुरुवार से लागू की जाएगी।

 

# क्या है इस नई योजना के नियम____

नई योजना के नियमों के अनुसार इन रास्तों पर सड़क किनारे पटरी पर, उसके पीछे नाले पर एवं दुकानों के आगे पोल लगाकर ना तो कोई ठेला लगाया जाएगा, ना रेहड़ी, ना पटरी दुकानदारों की दुकाने और ना ही कोई स्थाई शेड लगाने की अनुमति है। पटरी तक सिर्फ वाहनों की पार्किंग की अनुमति है।

 

# किन मार्गों को बनाया जाएगा वन वे___

शहर के को-ऑपरेटिव चौराहे से हनुमान मंदिर (रामलीला मैदान रोड) एवं हनुमान मंदिर चौराहे से राघव नगर होते हुए कचहरी चौराहा (शिव मंदिर तक) का मार्ग वन-वे रहेगा। यह व्यवस्था स्थानीय लोगों, दुकानदारों एवं बाहर से आने वाले लोगों सभी के लिए समान रूप से लागू होगी। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

 

# फुटपाथ के दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था___

पटरी एवं रेहड़ी व्यवसायियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोतवाली रोड एवं महिला थाने के निकट स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां वे अपना व्यवसाय कर सकते हैं। पर यहां पर सड़क से दूर ही दुकान लगानी होगी।

 

# ई रिक्शा पर शिकंजा कसने की तैयारी___

देवरिया के एडीएम से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि शहर में जाम लगने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि ई रिक्शाओ को अनियमित तौर से संचालित किया जाता है एवं इनके पार्किंग की भी समस्या ने जाम को आमंत्रण देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अगर आंकड़ों की बात करें तो जनपद में लगभग 4000 ई-रिक्शा मौजूद हैं जिनमें से 1500 वाहन चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है । इस बात के पता चलने के बाद एआरटीओ को चेकिंग अभियान चलाकर कार्यवाही करने के सख्त निर्देश मिले हैं।

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