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कानपूर में साहसी कारनामा , हाथ पैर बांधकर गंगा के उफनती लहरों के बिच तय सात किलोमीटर की दुरी, शहर का बढ़ाया मान

शहर और देश का गौरव बढ़ाने का क्षेत्र तो कई अलग अलग है लेकिन तैराकी में कानपुर का नाम दो लोगों ने रोशन किया है आपको बता दे कि कानपुर में दो तैराको ने गंगा की उफनती लहरों में लगभग 7 किलोमीटर की दूरी अपने हाथ पैर बांधकर तय किया है। जी हा ये सच है ,ऐसा करना अपना जान जोखिम में डालने के बराबर है इस तरह से तैराकी करना सबके बस की बात नहीं है। लेकिन इन लोगों ने बखूबी यह बता दिया है कि दुनिया में सब कुछ पॉसिबल है।

शहर का मान बढ़ने वाले इन दोनों का नाम रोहित और पंकज है। तैराकी करके कई बार कानपुर शहर का गौरव मास्टर तैराक पंकज और राष्ट्रीय तैराक रोहित निषाद बढ़ाया है लेकिन यह दोनों ने इस बार एक नया आयाम हासिल किया है गंगा की उफनती लहरों के बीच तैराकी करना और वो भी हाथ पैर बांधकर 7 किलोमीटर तक तैरना कोई छोटी बात नहीं है।

उप्र तैराकी संघ के उपाध्यक्ष प्रकाश अवस्थी के बताने के अनुसार इन दोनों ने हाथ पैर बांधकर तैराकी कर सफलतापूर्वक एक अनोखा पहल किया है यह जोड़ी अटल घाट से सरसैया घाट तक की दूरी तय किया है जो की 7 किलोमीटर है और इन दोनों ने बड़ी आसानी से और दूरी तय किया है। इन दोनों के तैरने के दौरान नाव से सुरक्षा के लिए एक दाल साथ साथ रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि पंकज कई बार मास्टर तैराकी में अंतरराष्ट्रीय फलक पर शहर का नाम रोशन किया है वही रोहित निषाद जो लंबी दूरी के तैराकी के साथ-साथ राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रमुख खिलाड़ियों में जाने जाते हैं। आगे यह भी कहा की कानपुर जिले में स्वर्गीय पदम कुमार जैन के याद में तैराकी संघ द्वारा अटल घाट से सिद्धनाथ घाट तक इसी तरह तैराकी का आयोजना किया जाएगा। इसका उदेस्य तैराकी के इस खेल को जन-जन तक पहुंचाना है ।

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